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समस्तीपुर डीएम ने लू और मॉनसून पूर्व तैयारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा की

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अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया

समस्तीपुर: समस्तीपुर जिले में गर्मी का मौसम अपने चरम पर है और मॉनसून आने वाला है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिले के प्रशासन ने लू (हीटवेव) और मॉनसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा की। जिलाधिकारी श्री रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिले के सभी वरिष्ठ और फील्ड अधिकारी शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि गर्मी और मॉनसून के दौरान किसी भी प्रकार की आपदा से आम जनता सुरक्षित रहे और प्रशासन पूरी तरह तैयार हो।

बैठक में प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति

बैठक में उप विकास आयुक्त (DDC), अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), नगर निगम के अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग और अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी भौतिक रूप से उपस्थित रहे। जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), अंचल अधिकारी (CO) और अन्य फील्ड अधिकारी अपने कार्यालयों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे आगामी मौसम की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार रहें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।

जिलाधिकारी ने कहा कि “आपदा प्रबंधन में ‘रिस्पॉन्स’ से अधिक ‘प्रीवेंशन’ महत्वपूर्ण है। सभी अधिकारी प्रो-एक्टिव मोड में रहें और फील्ड स्तर पर सक्रिय रहें। किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में आम जनता को कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

लू (हीटवेव) से बचाव की तैयारियाँ

जिलाधिकारी ने गर्मी के बढ़ते तापमान और हीटवेव की संभावना को देखते हुए जिले में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के समय आम जनता की सुरक्षा के लिए हर कदम समय पर उठाना जरूरी है।

शुद्ध पेयजल की व्यवस्था: जिले के सभी सार्वजनिक स्थानों जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, प्रमुख बाजारों और सार्वजनिक पार्कों में शुद्ध जल की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। इसके लिए स्थानीय जल विभाग और नगर निगम को जिम्मेदार बनाया गया।

स्वास्थ्य केंद्रों की तैयारी: स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और सदर अस्पताल में पर्याप्त ORS पैकेट, जीवन रक्षक दवाएं और ‘हीट वेव वार्ड’ तैयार रहें। इसके अलावा मोबाइल हेल्थ टीमों को भी तैनात किया जाएगा ताकि जरूरत पड़ने पर फील्ड में त्वरित चिकित्सा सहायता मिल सके।

मजदूरों और श्रमिकों की सुरक्षा: श्रम विभाग को निर्देश दिया गया कि निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूरों के लिए कार्य समय में बदलाव किया जाए और छायादार स्थान उपलब्ध कराए जाएँ। मजदूरों को गर्मी से बचाव के उपाय जैसे ठंडा पानी, इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक और नियमित ब्रेक देने की व्यवस्था करनी होगी।

मॉनसून पूर्व तैयारियाँ

जिलाधिकारी ने मॉनसून के दौरान संभावित बाढ़ और जलजमाव के खतरे के लिए भी तैयारी के निर्देश दिए।

नाला और तटबंध की सफाई: नगर निगम और संबंधित विभाग समय पर नालों की सफाई करें और संवेदनशील तटबंधों की निगरानी बढ़ाएँ। इसके लिए जल संसाधन विभाग और स्थानीय पंचायतों को जिम्मेदार बनाया गया।

राहत सामग्री और उपकरण: जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी नावों का पंजीकरण किया जाए, गोताखोरों की सूची तैयार हो और लाइफ जैकेट सहित सभी राहत उपकरण जांच के बाद क्रियाशील रखें। किसी भी आकस्मिक स्थिति में राहत कार्य तुरंत प्रारंभ किया जा सके।

फील्ड टीमों की तैनाती: सभी फील्ड अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी आकस्मिक स्थिति में राहत कार्य तुरंत प्रारंभ हो और प्रभावित लोगों को समय पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।

जन-जागरूकता अभियान

जिलाधिकारी ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को निर्देश दिया कि वे सोशल मीडिया, माइकिंग, पोस्टर और विज्ञापनों के माध्यम से आम जनता को लू और मॉनसून से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करें।

लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह दी गई।

अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करने की चेतावनी दी गई।

स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन और जनता के सहयोग से ही किसी भी आपदा का प्रभाव कम किया जा सकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और लोगों तक समय पर जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी का संदेश

बैठक के अंत में जिलाधिकारी श्री रोशन कुशवाहा ने कहा कि आपदा प्रबंधन में तैयारी और सक्रियता सबसे महत्वपूर्ण है। सभी फील्ड अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में आम जनता को कोई असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि ‘रिस्पॉन्स’ से अधिक महत्वपूर्ण ‘प्रीवेंशन’ है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि लापरवाही करने वाले किसी भी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उनका मुख्य संदेश था कि प्रशासन पूरी तरह तैयार है और जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

आगे की कार्यवाही

जिलाधिकारी ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से तैयारियों की समीक्षा करते रहें। स्वास्थ्य विभाग हर सप्ताह हीटवेव वार्ड की स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करे। नगर निगम नाला सफाई और जल निकासी की प्रगति रिपोर्ट तैयार करे। श्रम विभाग निर्माण स्थलों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करे।

इन सभी निर्देशों से यह स्पष्ट है कि समस्तीपुर जिले में गर्मी और मॉनसून के मौसम के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।

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